लालू यादव ने RSS पर प्रतिबंध की उठाई मांग, कहा-संघ पर आपातकाल के दौरान भी बैन लग चुका है

लालू यादव ने RSS पर प्रतिबंध की उठाई मांग, कहा-संघ पर आपातकाल के दौरान भी बैन लग चुका है

नई दिल्ली, मोदी सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर 5 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं आरजेडी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा PFI पर बैन लगया गया है तो आरएसएस पर बैन क्यों नहीं।

लालू ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले आरएसएस को बैन करिए, ये उससे भी बदतर संगठन है। लालू ने कहा आरएसएस पर दो बार पहले भी बैन लग चुका है और सबसे पहले आरएसएस पर प्रतिबंध लौह पुरुष सरदार पटेल ने लगाया था।

लालू यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा, पीएफआई की तरह जितने भी नफरत और द्वेष फैलाने वाले संगठन हैं, सभी पर प्रतिबंध लगाना चाहिए जिसमें आरएसएस भी शामिल है। सबसे पहले आरएसएस को बैन करिए, ये उससे भी बदतर संगठन है।

वहीं सोशल मीडिया पर भी PFI बैन के बाद RSS को बैन करने की मांग तेज हो गई है। कई यूजर्स ने कहा की सबसे पहले RSS को बैन किया जाए इससे हमारे सविंधान और देश को खतरा है।

एक यूजर्स ने पुरानी पोस्ट शेयर करे हुए लिखा RSS देश के लिए हानिकारक है, देश में आरएसएस द्वारा दंगों को बढ़ावा दिया जाता है, आरएसएस द्वारा लीचिंग की जाती है, तो आरएसएस जैसे आतंकवादी संगठन पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जाता। वहीं एक ने लिखा RSS को और कितने बम ब्लास्ट करने चाहिए?। साथ ही कई खबर के स्क्रीनशॉट शेयर किए जिसमें RSS का बम धमाके में हाथ बताया जा रहा है।

बता दें कि बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पीएफआई और उसके 8 सहयोगी संगठनों को कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगते हुए 5 साल के लिए बैन कर दिया है।
केंद्र सरकार ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है कि वैश्विक आतंकी संगठनों के साथ संबंध और कई आतंकी मामलों में शामिल होने के लिए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर प्रतिबंध लगाया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, पीएफआई के अलावा उसके 8 सहयोगी संगठन- रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेशनल वुमन फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन, केरल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

साभार: मिल्लत टाईम्स

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