सोने चाँदी से जड़े हुए हैं 400 कमरों की दीवार, ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल की कीमत है 4000 करोड़ रुपए। देखिए अंदर की तस्वीरें

सोने चाँदी से जड़े हुए हैं 400 कमरों की दीवार, ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल की कीमत है 4000 करोड़ रुपए। देखिए अंदर की तस्वीरें

कुछ महीने पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश के एक बहुत बड़े नेता हैं । वो इस वक्त केंद्र सरकार में मंत्री के पद पर तैनात हैं । आपको बता दे ज्योतिरादित्य सिंधिया राज घराने से ताल्लुक रखते हैं।

वो ग्वालियर राज घराने के सदस्य हैं । आपको बता दे ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया एक कट्टरवादी कांग्रेसी नेता थे । ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर रियासत के आखरी महाराज जीवाजी राव सिंधिया के पोते हैं। वर्तमान में वो ग्वालियर रियासत के युवराज हैं।

आपको बता दे ज्योतिरादित्य अपने पूरे परिवार के साथ ग्वालियर के जय विलास महल में रहते हैं । इस महल को साल 1974 में ग्वालियर के महाराज जीवाजी राव सिंधिया अली शाह बहादुर के द्वारा निर्मित करवाया गया था। आपको बता दे मौजूदा समय में इस महल की कीमत 4000 करोड़ रुपए से भी अधिक हैं ।

आपको बता दे इस महल का निर्माण आज से करीब 1800 साल पहले हुआ था लेकिन आज भी इस महल के शानो शौकत में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं हैं । इस महल का विस्तृत लगभग 1200000 वर्ग फुट है। इस महल में 40 से भी ज्यादा कमरे है। यह महल राजघराने के लिए निवास स्थान के साथ साथ देश के लिए एक भव्य संग्रहालय के तौर पर भी काफी फेमस है।

इस महल के 30 कमरों में तो संग्रहालय निर्मित किया गया है। यहां ज्यादातर इटली, फ्रांस, चीन जैसे देशों की कलाकारी नजर आती है। तथा इसमें अन्य देशों से मंगवाई गई दुर्लभ कलाकृतियां यहां सजावट के तौर पर स्थापित है।

इस महलों को देखने के लिए आम लोगो को सन 1964 में अनुमति दी गई थी। इस महल के संग्रहालय मैं हजारी टन के झूमर लगे है। बताया जाता है की यहां पर झूमर टांगने से पहले 10 हाथियों को छत पर चढ़ाकर छत की जांच की जाती थी। चांदी की रेल जय विलास महल में मौजूद इस संग्रहालय में चांदी की रेल भी है जो सभी के लिए एक आकर्षण का केंद्र है। खास कर परजाटकों के लिए।

इस ट्रेन की पटरियां डाइनिंग टेबल पर फैली हुई है। बिसिस्ट दावत के मौके पर यह ट्रेन इन्ही पटरियों के द्वारा मेहमानो को भोजन परोसने के लिए उनके सामने से गुजरती है। भारत का यदि कोई व्यक्ति महल घूमने के लिए जाता है तो उसे 100 रुपए का टिकट लेना पड़ता है। वहीं किसी विदेश के परजाटको के लिए इस टिकट का 800 रुपए लगता है। आपकी जानकारी के लिए बता दे की इस महल को वेल्स के राजकुमार किंग एडवर्ड के आलीशान और भव्य स्वागत के लिए निर्मित करवाया गया था। उसके बाद से यह महल सिंधिया राजवंश का निवास स्थान बन गया।

 

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