जॉन हैरिसन: वो शख़्स जिसे आइसक्रीम टेस्ट करने के लिए दी जाती है करोड़ों की सैलरी

जॉन हैरिसन: वो शख़्स जिसे आइसक्रीम टेस्ट करने के लिए दी जाती है करोड़ों की सैलरी

मीठा खाना किसको नही पसंद, मीठे चीज की लालच हर वर्ग के इंसान की होती हैं। वही मीठे के साथ ठंडे का कॉम्बिनेशन एक आइसक्रीम के सिवा किस चीज में दिखेगा। एक आइसक्रीम बच्चों से लेकर बूढ़ो तक सबको पसंद आती हैं। यही कारण है कि दुनिया भर में आइसक्रीम का बिजनेस किसी भी एल्कोहल के व्यापार को टक्कर देने के लिए काफी माना जाता हैं।

दुनिया भर में आइसक्रीम के कई ब्रांड मोजूद है, आपको बता दे किसी भी नए आइसक्रीम के ब्रांड को परखने के लिए एक ही इंसान की मदद ली जाती है, वे है अमेरिका के जॉन हैरिसन, इसके वे करोड़ो रुपए की सैलरी तक लेते हैं।

जॉन के दादा की आइसक्रीम बनाने वाली फैक्ट्री होने के कारण बचपन से ही उन्हें आइसक्रीम खाने और बनाने का शौक रहा हैं। आइसक्रीम का स्वाद लेना और उसे बेहतर बनाने के तरीके देने के गुण बचपन से ही उनके पास था।

बचपन से ही आइसक्रीम से नाता होने के बावजूद उन्होंने एक सुझावकर्ता के रूप में 1956 में ड्रेयर कंपनी ज्वाइन की थी। जब इनके सुझाव से आइसक्रीम का स्वाद अच्छा होने लगा तो इन्होंने बतौर आइसक्रीम टेस्टर काम करना शुरू किया। एक इंटरव्यू के अनुसार ड्रेयर ने बताया है कि कंपनी में रहते हुए उन्होंने 200 मिलियन गैलन से भी ज्यादा आइसक्रीम चखी हैं।

ऐसा सुनने को मिला है की जॉन जिस चम्मच से आइसक्रीम चखते है उस पर सोने की परत चढी हुई है, इसकी वजह है प्लास्टिक की चम्मच में हल्का रार होना, जो आइसक्रीम के स्वाद को प्रभावित कर सकता हैं। इसी चम्मच से रोजाना 20 आइसक्रीम के फ्लेवर चखा करते थे जो 60 प्रकार की होती थी, ये उनका रोज के 5 घंटे का काम हैं।

हैरिसन ने अपने काम से रिटारयमेंट ले लेने के बावजूद अपने जीभ का बीमा 20 लाख डॉलर में करवा लिया है, और अब भी उन्होंने चखना जारी रखा हैं। पर पहले की तरह नही, पहले वे आइसक्रीम को पूरा खाना तय किए थे, पर अब शरीर के वजन में इजाफा होने के कारण आइसक्रीम खाते समय वे उसे पूरा नहीं खाते, बल्कि चखकर थूक देते हैं।

वैज्ञानिक बताते है कि उनकी जीभ स्वादग्रंथी आम आदमी की जीभ से 11.5 प्रतिशत ज्यादा पतली हैं। इसलिए वे किसी भी आइसक्रीम का स्वाद बाकी लोगों से ज्यादा बेहतर तरीके से महसूस कर सकते हैं।

उनके अनुभव के अनुसार उन्होंने बताया है कि वे बता सकते है कि कौन सा व्यक्ति किस आइसक्रीम के फ्लेवर को पसंद करेगा, उदहारण में ऐसा कह कर अपना जवाब दिया “न्यू इंग्लैंड के लोग कॉफी-आधारित स्वाद पसंद करते है, जबकि कैलीफोर्निया और पश्चिमी राज्य चॉकलेटवर्क में दिलचस्पी लेते है, दक्षिण और मिडवेस्ट में पेकॉन और स्ट्राबेरी पसंद की जाती है, जबकि वनीला आइसक्रीम आज भी पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा पसंद की जाती है”

वे अपने आइसक्रीम चखने के तरीके के बारे में बताते है कि “आइसक्रीम को चम्मच में भरकर जीभ पर रखते हैं और फिर उसे पूरे मुह में घुमाकर थूक देते हैं। बस कुछ ही सेकेण्ड में वे ये बता देते है कि आइसक्रीम में क्या कमी है?”। आपको बता दे उनका फेवरेट आइसक्रीम है, वनीला के साथ स्ट्राबेरी, कोको, कोकोनट और आम का टेस्ट वाला फ्लेवर।

Leave a Reply

Your email address will not be published.