16 साल बाद घर पहुंचा शहीद जवान का पार्थिव शरीर, जन्म के बाद बेटी ने पहली बार देखा पिता का चेहरा

16 साल बाद घर पहुंचा शहीद जवान का पार्थिव शरीर, जन्म के बाद बेटी ने पहली बार देखा पिता का चेहरा

भारतीय जवानों की बात करें तो जवान अपनी जान की परवाह नहीं करते और अपने देश के लिए सबकुछ करते हैं और सीमा पर तैनात रहकर देश की रक्षा करने का काम करते हैं.

जब भी जवान शहीद होता हैं तो उनको पूरा देश सलाम करता हैं और उनकी शहादत को देश कभी नहीं भूलता. जवानों को 24 घंटे हर रोज देश की सुरक्षा करनी पड़ती हैं.

अब हम एक ऐसे जवान की बात करेंगे जिनका शव 16 साल बाद घर आया हैं और उनका अब जाकर अंतिम संस्कार किया गया. हम जिस जवान की बात कर रहे हैं उनका नाम अमरीश त्यागी हैं.

अमरीश त्यागी भारतीय सेना के जवान थे जिन्होंने साल 2005 में 3 अन्य जवानों के साथ मिलकर हिमालय की सबसे ऊंची चोटी सतोपंथ में तिरंगा लहराया था.

जब वो अपने साथियों के साथ मिलकर नीचे वापस आ रहें थे तब उनका पैर फिसलकर वो सभी बर्फ की खाई में जाकर गिरे थे. फिर रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया था जिसमें 1 साल बाद जाकर 3 शव मिले थे, लेकिन अमरीश त्यागी का शव नहीं मिला था और फिर साल 2006 में उनको मृत घोषित किया गया था.

अब 15 साल बाद उनका शव मिला हैं और पूरी छानबीन के बाद पता चला की ये शव अमरीश त्यागी का हैं और फिर उस शव को उनके घर लाया गया और उनका अंतिम संस्कार किया गया.

जब उनकी मृत्यु हुई थी तब उनकी बेटी का जन्म भी नहीं हुआ था और आज उनकी बेटी अपने शहीद पिता की लाश देख रही है. उनकी बेटी ने सभी के सामने कहा कि मैं भी मेरे पिता की तरह भारतीय आर्मी में जाउंगी और ये सुनकर सभी लोग भावुक हुए.

 

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